14/05/2015
आरटेट के बाद अब रीट भी
विवादों के साये में
2015-05-13 13:40:35
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। जयपुर। आरटेट में 60 प्रतिशत से
अधिक अंक लाने वाले अभ्यर्थियों
को राज्य सरकार रीट परीक्षा
के माध्यम से दोहरा फायदा देने
में है। जिससे पहले से विवादों में
रही आरटेट परीक्षा के अंकों को
मान्य मानने से रीट परीक्षा भी
विवादों में आ सकती है और
सरकारी नौकरी के प्रतीक्षा
कर रहे अभ्यर्थियों के सामने बड़ी
समस्या पैदा कर सकती है।
क्योंकि वष्ाü 2011-12 में
आरटेट परीक्षा देने वालों को
परीक्षा पास करने के बाद उसकी
वेलिडिटी 7 साल की दी है
जिससे अब विवादों में रह चुकी
आरटेट परीक्षा में 60 प्रतिशत से
अधिक अंक लाने वाले अभ्यर्थी
रिक्रुटमेंट कम एलिजिबिलिटी
एग्जाम फॉर टीचर्स (रीट) में कम
अंक आने पर अभ्यर्थी आरटेट के
अंकों के आधार पर भी रीट की
मेरिट में शामिल हो सकेंगे।
जिससे उन्हें भी फायदा होगा जो
अभ्यर्थी आरटेट उत्तीर्ण हैं
लेकिन वे भी 60 प्रतिशत वालों
के साथ सरकार की इस नीति का
दोहरा फायदा उठा सकेंगे और
परिणाम उन्नयन के लिए रीट में
भी मुफ्त आवेदन कर सकेंगे।नागौर
में हुआ था पेपर आउट टेट 2012
परीक्षा केदौरान नागौर जिले
के मेड़ता कस्बे में 10 परीक्षा
केन्द्रों पर प्रश्न पत्र आउट होने
की सूचना मिली थी जिसके आधार
पर पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज
किया था।
मामले परीक्षाथिंüयों के विरूद्ध
न्यायालय में अपराधिक चालान
भी प्रस्तुत किया गया था जिसके
कारण उनका परिणाम रोकते हुए
बोर्ड ने शेष का परिणाम जारी
भी कर दिया था। एक लाख से
अधिक अभ्यर्थियों को मिलेगा
फायदा राजस्थान में आरटेट
उत्तीर्ण करने के बाद शिक्षक
बनने की योग्यता रखने वाले
7,50,218 में से 2,22,615
अभ्यर्थियों के 60 फीसदी या
इससे अधिक अंक है।
2011 और 2012 में हुई आरटेट में
15 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा
लिया था। आरटेट की विज्ञप्ति
के अनुसार पास करने वालों की
संख्या 50 फीसदी के करीब हो
लेकिन 60 फीसदी अंक प्राप्त
करने सभी कैटेगिरी के 15 फीसदी
अभ्यर्थी ऎसे हैं जो रीट परीक्षा
का मौका मिलने पर दोहरा
फायदा उठाएंगे।
आरटेट योग्यताधारी साढ़े सात
लाख अभ्यर्थियों में से 40 हजार
अभ्यर्थी तृतीय श्रेणी शिक्षक
भर्ती 2012 में और 20 हजार के
तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती
परीक्षा 2013 में चयनित हो
चुके हैं। अब राज्य में आरटेट में 60
फीसदी और अधिक अंक वाले करीब
1 लाख 95 हजार अभ्यर्थी हैं
जिन्हें रीट परीक्षा में अपने अंक
सुधारने का एक ओर मौका
मिलेगा।
सिलेबस में अगर राजस्थान के जीके
को महत्व नहीं दिया गया तो
बाहर के राज्यों को फायदा
मिलेगा। आरटेट वाले 60
प्रतिशत प्राप्त अभ्यर्थियों को
फिर से मौका देने से से यह
परीक्षा फिर से विवादों में जा
सकती है।- उपेन यादव, राजस्थान
बीएसटीसी शिक्षक संघ