03/06/2026
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👉स्थान -नई दिल्ली
👉मंगलवार, 01 जून 2026
👉BREAKING NEWS
भारतीय रेलवे माल गोदामों में 1,300+ गोदाम और 6.85 लाख से अधिक मजदूरों की दशा पर भावुक अपील !
👉 डॉ रमन ठाकुर ने दी अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना; डॉ. आइसक वेब3 (PAI Awareness Association International) ने बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा एवं सम्मानजनक जीवन का लिया संकल्प।
👉 1 जूनः भारतीय रेलवे के विशाल और व्यापक नेटवर्क में वर्तमान समय में लगभग 1,200 से 1,300 से अधिक माल गोदाम (गुड़शेड/फ्रेट Terminals) सक्रिय रूप से फैले हुए हैं। इन दुर्गम और विशालकाय केंद्रों पर दिन-रात अथक और हाड़-तोड़ मेहनत करने वाले 6 लाख 85 हजार से अधिक पंजीकृत मजदूर अपनी पसीने की गाढ़ी कमाई से देश की आर्थिक रीढ़ को निरंतर मजबूत बना रहे हैं। यह प्रामाणिक और अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी डॉ रमन ठाकुर जी द्वारा भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ (BRMGSS) को आधिकारिक रूप से प्रदान की गई है।
👉विभागीय आंकड़ों और जमीनी विश्लेषण के अनुसार, ये लाखों मजदूर विभिन्न ठेकेदारों के माध्यम से रेल परिसरों में अपनी सेवाएं देते हैं। देश के सबसे भारी और चुनौतीपूर्ण माल की लोडिंग-अनलोडिंग, हैंडलिंग और शिफ्टिंग का मुख्य काम इन्हीं के कंधों पर टिका हुआ है। सच कहा जाए तो ये कर्मवीर हमारे देश के कुल फ्रेट ट्रैफिक (Freight Traffic) का मुख्य आधार स्तंभ हैं। इसके बावजूद, वे अक्सर अत्यंत अमानवीय और कठिन परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं। भीषण चिलचिलाती गर्मी, मूसलाधार बारिश, उड़ती हुई कोयले व सीमेंट की हानिकारक धूल और शारीरिक थकान के बावजूद इन्हें न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं भी नसीब नहीं हो पाती हैं। उनके चेहरों पर झलकता पसीना और आंखों में छिपे भविष्य के धुंधले सपने किसी भी संवेदनशील व्यक्ति का दिल दहला देने के लिए पर्याप्त हैं।
👉इस गंभीर और संवेदनशील मानवीय मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए BRMGSS के मीडिया प्रभारी श्री आइसक बेस्टर, डिप्लोमैट (200+
👉तकनीकी जगत में विशेष पहचान रखने वाले और इंटरनेट के प्रथम संस्थापक के रूप में विख्यात डॉ. आइसक वेबउ ने इन माल गोदाम मजदूरों के समग्र कल्याण, उत्थान और सामाजिक सुरक्षा के लिए PAI Awareness Association International की स्थापना की है। इस ऐतिहासिक और लोक-कल्याणकारी महान पहल के माध्यम से उन्होंने संकल्प लिया है कि इन वंचित मजदूरों के बच्चों को उच्चस्तरीय शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। निःशुल्क व
👉इसके अतिरिक्त, उनके परिवारों की अन्य मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने और आधुनिक PAI Coin Web3 Currency के डिजिटल माध्यम से उनके आर्थिक स्तर को सुधारकर एक उज्जवल व आत्मनिर्भर भविष्य देने की पवित्र शपथ ली गई है। इस दूरदर्शी योजना से देश भर के रेल श्रमिकों में एक नई चेतना और आर्थिक स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त होने की पूरी उम्मीद है।
"ये मजदूर हमारे देश की वास्तविक रीढ़ हैं। इनकी निस्वार्थ मेहनत की बदौलत ही देश की रेलगाड़ियों पटरी पर दौड़ती हैं और संपूर्ण अर्थव्यवस्था गतिशील रहती है। हम इन्हें इस तरह सामाजिक अंधकार और अभाव में कभी नहीं छोड़ सकते। PAI Awareness Association International के माध्यम से हम इनके बच्चों का उज्ज्वल भविष्य शत-प्रतिशत सुनिश्चित करेंगे, ताकि कोई भी बच्चा भूखा न सोए और हर श्रमिक परिवार को समाज में एक सम्मानजनक जीवन प्राप्त हो सके।"
👉वर्तमान में BRMGSS इन लाखों श्रमिकों की बुनियादी मांगों को विभिन्न सरकारी और प्रशासनिक मंचों पर लगातार पूरी प्रखरता के साथ ゚ Bharatiya Railway Maalgodam Sirmik Sangh