09/07/2026
"दुनिया की भाग-दौड़ से दूर, बेफिक्र सो रहे हैं,
वफादारी का दामन थामे, सुकून की चादर ओढ़े हैं।"
"न कोई शिकायत, न कोई ख्वाहिश, बस जहां जगह मिली वहीं चैन पा लिया,
इंसानों की इस बस्ती में, इन्होंने खुद का एक छोटा सा जहां बना लिया।"