Nirala Seeds Company

Nirala Seeds Company Nirala Seeds Co. is a Breeder, Producer, Distributor for quality vegetable seeds.

22/05/2026
Nirala seeds company cucumber NAVEEN Variety.निराला सीड्स कंपनी की नवीन खीरा।जबरदस्त पैदावार, खुशहाल किसान।
10/05/2026

Nirala seeds company cucumber NAVEEN Variety.

निराला सीड्स कंपनी की नवीन खीरा।
जबरदस्त पैदावार, खुशहाल किसान।

🥒 खीरा टेढ़ा क्यों हो रहा है? जानिए असली कारण और पक्का इलाज! 👇किसान भाइयों, अगर आपके खेत में खीरा सीधा नहीं बल्कि टेढ़ा-...
18/04/2026

🥒 खीरा टेढ़ा क्यों हो रहा है? जानिए असली कारण और पक्का इलाज! 👇

किसान भाइयों, अगर आपके खेत में खीरा सीधा नहीं बल्कि टेढ़ा-मेढ़ा निकल रहा है, तो ये सिर्फ किस्म का दोष नहीं है ❌
अक्सर इसका कारण होता है पोषक तत्वों की कमी ⚠️

👉 मुख्य कारण:
🔸 पोटाश (Potash) की कमी
फल एक तरफ से ज्यादा बढ़ता है और दूसरी तरफ से कम → खीरा टेढ़ा

🔸 बोरॉन (Boron) की कमी
फूल से फल सही नहीं बनता → आधा या मुड़ा हुआ खीरा

👉 अन्य कारण भी ध्यान दें:
✔️ पानी की कमी या अनियमित सिंचाई
✔️ परागण (Pollination) सही न होना
✔️ ज्यादा गर्मी या मौसम का तनाव

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💊 पक्का समाधान (Best Treatment):

✅ पोटाश के लिए:
👉 00:00:50 (SOP) या 13:00:45
👉 मात्रा: 1–2 ग्राम प्रति लीटर पानी में स्प्रे

✅ बोरॉन के लिए:
👉 Boron 20% या Solubor
👉 मात्रा: 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में स्प्रे

📅 स्प्रे 7–10 दिन के अंतराल पर 2–3 बार करें

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💡 पहचान कैसे करें?
👉 टेढ़ा + पतला खीरा = पोटाश की कमी
👉 टेढ़ा + अधूरा खीरा = बोरॉन की कमी

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🔥 सही समय पर सही दवा = सीधा, मोटा और बढ़िया दाम वाला खीरा 💰🥒

👉 यह जानकारी किसान भाइयों के साथ जरूर शेयर करें!

भिंडी 😱में सफेद मक्खी, हरा तेला (Aphids/Jassid) के लिए ये बेस्ट दवाएं और मात्रा 👇1. इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SLमात्रा: 0.3 ml...
17/04/2026

भिंडी 😱में सफेद मक्खी, हरा तेला (Aphids/Jassid) के लिए ये बेस्ट दवाएं और मात्रा 👇

1. इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL

मात्रा: 0.3 ml / लीटर पानी

असर: रस चूसक कीट तुरंत कंट्रोल

2. थायमेथोक्साम 25 WG

मात्रा: 0.25 ग्राम / लीटर

असर: सफेद मक्खी + तेला दोनों पर असरदार

3. एसिटामिप्रिड 20 SP

मात्रा: 0.4 ग्राम / लीटर

असर: लंबे समय तक कंट्रोल

4. फ्लोनिकामिड 50 WG (थोड़ा महंगा, लेकिन पावरफुल)

मात्रा: 0.3 ग्राम / लीटर

असर: तेज और सेफ कंट्रोल

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स्प्रे करने का तरीका

150–200 लीटर पानी / एकड़

सुबह या शाम स्प्रे करें

7–10 दिन बाद जरूरत हो तो दोहराएं

हर बार दवा बदल-बदल कर स्प्रे करें (रोटेशन)

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एक्स्ट्रा टिप

चिपचिपे पीले ट्रैप (Yellow Sticky Trap) लगाएं

नीम तेल 2–3 ml/L भी साथ में काम करता है

भिंडी की फसल में तेला कीट (Aphids) बहुत तेजी से फैलने वाला रस चूसक कीट है, जो समय पर नियंत्रण न करने पर पूरी फसल को कमजो...
16/04/2026

भिंडी की फसल में तेला कीट (Aphids) बहुत तेजी से फैलने वाला रस चूसक कीट है, जो समय पर नियंत्रण न करने पर पूरी फसल को कमजोर कर देता है 🌱

✅ 🐛 तेला कीट के लक्षण (पहचान)

• पत्तियों के नीचे छोटे-छोटे हरे/काले कीड़े दिखाई देते हैं।
• पत्तियां मुड़ने और सिकुड़ने लगती हैं।
• पौधे चिपचिपे (honeydew) हो जाते हैं।
• काली फफूंद (sooty mold) लग जाती है।
• पौधे की बढ़वार रुक जाती है।

✅❗ नुकसान

• पौधे का रस चूसकर उसे कमजोर करते हैं।
• फूल और फल गिरने लगते हैं।
• उत्पादन में भारी कमी आती है।

✅ 🛡️ तेला कीट नियंत्रण के उपाय

🌿 1️⃣ देसी/जैविक उपाय

• नीम तेल (Neem Oil) 1500 ppm → 3–5 ml प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव
• गौमूत्र घोल → 1 लीटर गौमूत्र + 10 लीटर पानी
• लहसुन + मिर्च का घोल → कीट भगाने में असरदार

👉 हर 7–10 दिन में छिड़काव करें

🧪 2️⃣ रासायनिक दवा (ज्यादा प्रकोप में)

• इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL → 0.3 ml प्रति लीटर पानी
• थायमेथोक्साम 25 WG → 0.25 ग्राम प्रति लीटर
• एसीटामिप्रिड 20 SP → 0.25 ग्राम प्रति लीटर

👉 इनमें से कोई एक दवा चुनें और 10–12 दिन के अंतर पर छिड़काव करें

⚙️ 3️⃣ अन्य महत्वपूर्ण उपाय

• खेत में पीले स्टिकी ट्रैप (Yellow Sticky Trap) लगाएं
• ज्यादा प्रभावित पत्तियों को तोड़कर नष्ट करें
• संतुलित खाद दें (ज्यादा नाइट्रोजन से कीट बढ़ते हैं)
• खेत में साफ-सफाई रखें।

✅ 💡 खास सलाह

• सुबह या शाम को ही स्प्रे करें 🌅
• दवा बदल-बदलकर इस्तेमाल करें (resistance से बचने के लिए)
• शुरुआती अवस्था में ही नियंत्रण करें, तभी ज्यादा फायदा मिलेगा

🍅🌿 टमाटर में ह्यूमिक एसिड की संपूर्ण जानकारी🌱 1. टमाटर में ह्यूमिक एसिड के फायदे✔️ जड़ें मजबूत और गहरी बनाता है✔️ पौधों ...
16/04/2026

🍅🌿 टमाटर में ह्यूमिक एसिड की संपूर्ण जानकारी

🌱 1. टमाटर में ह्यूमिक एसिड के फायदे

✔️ जड़ें मजबूत और गहरी बनाता है
✔️ पौधों की ग्रोथ तेज करता है
✔️ फूल और फल ज्यादा बनते हैं 🍅
✔️ फल का साइज और चमक बढ़ती है
✔️ मिट्टी की उर्वरता सुधारता है

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⚖️ 2. प्रति एकड़ मात्रा (Dose)

🌾 (1) मिट्टी में (Soil Application)

3–5 किलो प्रति एकड़
👉 गोबर खाद/कम्पोस्ट के साथ मिलाकर

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💧 (2) ड्रिप / सिंचाई

500 ग्राम – 1 किलो प्रति एकड़
👉 15–20 दिन के अंतर से 2–3 बार

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🌿 (3) स्प्रे (Foliar Spray)

100–150 ग्राम + 100 लीटर पानी
👉 10–15 दिन के अंतर से

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📅 3. पूरा शेड्यूल

1. रोपाई से पहले → 3–5 किलो मिट्टी में

2. रोपाई के 15 दिन बाद → ड्रिप से 500 ग्राम

3. फूल आने से पहले → स्प्रे

4. फल बनने के समय → ड्रिप + स्प्रे

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⚠️ 4. ध्यान रखने वाली बातें

✔️ सुबह या शाम को छिड़काव करें
✔️ ज्यादा मात्रा न दें
✔️ अच्छी क्वालिटी का ह्यूमिक एसिड लें

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🌟 5. सुपर टिप (High Yield)

👉 ह्यूमिक एसिड +

जीवामृत 🌿

Seaweed Extract

का उपयोग करें

➡️ इससे टमाटर में: ✔️ ज्यादा फूल
✔️ ज्यादा फल
✔️ बेहतर क्वालिटी 🍅🔥

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🧑‍🌾 निष्कर्ष

टमाटर में सही तरीके से ह्यूमिक एसिड देने से: 👉 उत्पादन 25–30% तक बढ़ सकता है
👉 पौधे ज्यादा स्वस्थ और मजबूत बनते हैं

🌿 भिंडी में येलो मोजैक वायरस (YVMV) की संपूर्ण जानकारीभिंडी की फसल में येलो मोजैक वायरस सबसे खतरनाक रोगों में से एक है। ...
16/04/2026

🌿 भिंडी में येलो मोजैक वायरस (YVMV) की संपूर्ण जानकारी

भिंडी की फसल में येलो मोजैक वायरस सबसे खतरनाक रोगों में से एक है। अगर समय पर नियंत्रण न किया जाए तो 80–90% तक नुकसान हो सकता है ⚠️

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🦠 रोग का कारण

👉 Yellow Vein Mosaic Virus
👉 यह वायरस फैलाता है: Whitefly (सफेद मक्खी)

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🔍 पहचान (Symptoms)

🌱 पत्तियों पर:

नसों (veins) का पीला पड़ना

पत्तियों पर पीले-हरे धब्बे (मोजेक)

पत्तियां छोटी और सिकुड़ी हुई

🌿 पौधे पर:

पौधा बौना रह जाता है

फूल और फल कम बनते हैं

फल छोटे, टेढ़े और पीले हो जाते हैं

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🌦️ अनुकूल मौसम

तापमान: 25–35°C ☀️

गर्म और नम मौसम

सफेद मक्खी की अधिकता

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🛡️ नियंत्रण के उपाय

1️⃣ सफेद मक्खी का नियंत्रण (सबसे जरूरी)

💊 रासायनिक उपाय:

इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL @ 0.3 ml/लीटर

थायमेथोक्साम 25 WG @ 0.25 ग्राम/लीटर

एसिटामिप्रिड 20 SP @ 0.5 ग्राम/लीटर

👉 7–10 दिन के अंतराल पर स्प्रे करें

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2️⃣ 🌿 जैविक उपाय:

Neem Oil 5 ml/लीटर स्प्रे

नीम अर्क (NSKE 5%)

8–10 पीले स्टिकी ट्रैप प्रति एकड़

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3️⃣ खेत प्रबंधन

✔️ रोगग्रस्त पौधों को तुरंत उखाड़कर नष्ट करें
✔️ खरपतवार हटाएं
✔️ संतुलित खाद दें (अधिक नाइट्रोजन न दें)
✔️ फसल चक्र अपनाएं

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4️⃣ प्रतिरोधी किस्में

👉 रोग सहनशील किस्में लगाएं (जैसे कुछ हाइब्रिड भिंडी)

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⚠️ महत्वपूर्ण बात

❌ वायरस का कोई सीधा इलाज नहीं होता
👉 केवल फैलाव रोकना ही उपाय है

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🚜 स्प्रे शेड्यूल (सरल)

👉 हर 7 दिन:

1 बार दवा (इमिडाक्लोप्रिड/थायमेथोक्साम)

1 बार नीम तेल

👉 लगातार 2–3 हफ्ते करें

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🎯 निष्कर्ष

👉 भिंडी में येलो मोजैक से बचाव का सबसे बड़ा तरीका:
✔️ सफेद मक्खी का कंट्रोल
✔️ रोगी पौधों को तुरंत हटाना

👉 समय पर ध्यान दिया तो फसल बच सकती है और उत्पादन अच्छा मिलेगा 💪🌾

🌿 पत्तागोभी व फूलगोभी में पत्ता झुलसा रोग (Leaf Blight) का प्रबंधन — वैज्ञानिक एवं प्रभावी उपाय🔍 रोग के लक्षण (Symptoms)...
15/04/2026

🌿 पत्तागोभी व फूलगोभी में पत्ता झुलसा रोग (Leaf Blight) का प्रबंधन — वैज्ञानिक एवं प्रभावी उपाय

🔍 रोग के लक्षण (Symptoms):

• पत्तियों पर प्रारंभ में छोटे-छोटे भूरे या काले धब्बे दिखाई देते हैं।
• धब्बों के चारों ओर हल्का पीला घेरा (हेलो) बन जाता है।
• पत्तियों के किनारे जले हुए एवं सूखे प्रतीत होते हैं।
• अधिक प्रकोप होने पर पौधे की वृद्धि रुक जाती है और पौधा धीरे-धीरे मुरझाने लगता है।

⚠️ रोग के प्रमुख कारण (Causes):

• खेत या गमले में अत्यधिक नमी एवं जलभराव की स्थिति।
• लगातार वर्षा या लंबे समय तक गीली मिट्टी रहने से फफूंद का विकास।
• संक्रमित बीज या मिट्टी का उपयोग।
• खेत में उचित हवा का संचार (Ventilation) न होना।

💊 नियंत्रण एवं उपचार (Management & Control):

🧪 रासायनिक नियंत्रण:

• कॉपर ऑक्सीक्लोराइड @ 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर
👉 7–10 दिन के अंतराल पर छिड़काव करें।

🌿 जैविक/घरेलू उपाय:

• नीम तेल @ 5 मिली प्रति लीटर पानी + देसी साबुन (Sticker के रूप में) मिलाकर छिड़काव करें।
👉 यह फफूंद के प्रसार को रोकने में सहायक होता है।

✅ अतिरिक्त सुझाव (Preventive Measures):

• खेत में जल निकास (Drainage) की उचित व्यवस्था रखें।
• रोगग्रस्त पत्तियों को तोड़कर नष्ट कर दें।
• संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाएं, विशेषकर नाइट्रोजन का अधिक प्रयोग न करें।
• बीज बोने से पहले बीज उपचार (Seed Treatment) अवश्य करें।

यहाँ है पहले दिन से लेकर फल तोड़ने तक का पूरा सीक्रेट प्लान 👇🌱 Phase 1: बुवाई और शुरुआती बढ़वार (0 से 15 दिन) 🔰 काम: अच्छी...
15/04/2026

यहाँ है पहले दिन से लेकर फल तोड़ने तक का पूरा सीक्रेट प्लान 👇

🌱 Phase 1: बुवाई और शुरुआती बढ़वार (0 से 15 दिन)

🔰 काम: अच्छी क्वालिटी का बीज लें और उसे ट्राइकोडर्मा (Trichoderma) या साफ फंगीसाइड से उपचारित करके बोएं।

🔰 सिंचाई: खेत/गमले में हल्की नमी बनाए रखें। जलभराव बिल्कुल न होने दें।

🔰 खाद (15वें दिन): पौधे में 2-3 असली पत्ते आने पर हल्की निराई-गुड़ाई करें। प्रति पौधा 50 ग्राम वर्मीकम्पोस्ट/गोबर की खाद और थोड़ा सा DAP डालें।

🌿 Phase 2: मचान (Trellis) और असली ग्रोथ (16 से
25 दिन)
🔰 काम: बेल अब लंबी होने लगेगी। इसे ज़मीन पर न छोड़ें! बांस और तार (या जाल) का मचान बनाकर बेल को ऊपर चढ़ाएं। इससे फल सड़ेंगे नहीं और बीमारियाँ कम लगेंगी।

🔰 स्प्रे (20वें दिन): रस चूसने वाले कीटों (सफेद मक्खी, माहू) से बचाव के लिए नीम तेल (Neem Oil 10000 PPM) 3ml/लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।

✂️ Phase 3: गेम चेंजर 'Pinching' और 3G कटिंग (25 से 35 दिन)
🔰 काम: (यही है सबसे जरूरी स्टेप!) जब बेल 2 मीटर लंबी हो जाए या 10-12 पत्ते आ जाएं, तो मुख्य बेल का आगे का सिरा (Top tip) कैंची से काट दें।

🔰 फायदा: इससे ढेर सारी साइड ब्रांच (2G और 3G) निकलेंगी, जिन पर सबसे ज्यादा 'मादा फूल' (Female Flowers) और फल आएंगे! 🌸🍆

🔰 खाद: इस समय पौधे को ताकत चाहिए। NPK 19:19:19 का स्प्रे (2-3 ग्राम/लीटर) करें।
🌼 Phase 4: फूल और फल बनने का समय (36 से 50 दिन)

🔰 समस्या: अक्सर फूल आते हैं पर फल बनने से पहले गिर जाते हैं।

🔰 समाधान (स्प्रे): फूल झड़ने से रोकने और फलों का साइज बढ़ाने के लिए Boron 20% (1 ग्राम/लीटर) और NPK 0:52:34 (3 ग्राम/लीटर) का स्प्रे करें।

🔰 सिंचाई: इस समय पानी की कमी बिल्कुल न होने दें। हर 3-4 दिन में हल्की सिंचाई करें (ड्रिप इरिगेशन बेस्ट है)।
🍈 Phase 5: हार्वेस्टिंग और लगातार कमाई (50 दिन के बाद)

🔰 काम: 50-55 दिन में आपकी लौकी/तोरई तुड़ाई के लिए तैयार हो जाएगी! फलों को बहुत ज्यादा बड़ा और सख्त न होने दें, कच्ची अवस्था में ही तोड़ें ताकि मार्केट में बढ़िया रेट मिले। 💰

🔰 कीट नियंत्रण: इस समय 'फल मक्खी' (Fruit Fly) फलों में डंक मारकर उन्हें सड़ा देती है। खेत में 4-5 'Pheromone Traps' (फेरोमोन ट्रैप) प्रति एकड़ जरूर लगाएं। यह सबसे सस्ता और अचूक उपाय है!

💡 प्रो टिप: हर 15 दिन में एक बार Seaweed Extract (समुद्री शैवाल का अर्क) का स्प्रे करने से बेल पूरी गर्मी हरी-भरी रहती है और स्ट्रेस में नहीं जाती।
🔥 Save & Share!
अगर यह टाइमटेबल काम का लगा, तो इस पोस्ट को अभी SAVE कर लें और अपने किसान ग्रुप्स में SHARE करें! 📲

क्या आप चाहेंगे कि इस प्लान के साथ-साथ मैं 'Fruit Fly (फल मक्खी)'—जो लौकी/तोरई की सबसे बड़ी दुश्मन है और फलों को सड़ा देती है—उसे कंट्रोल करने के लिए एक अलग से छोटी और एंगेजिंग पोस्ट (विज़ुअल आइडिया के साथ) भी तैयार कर दूँ? 🪰🚫👉 लौकी/तोरई में कौन सी वैरायटी आपकी फेवरेट है? कमेंट में बताएं! 👇

RED KING लाल साग बीज जिसे खास तौर पर बिहार की  स्थानीय परिस्थितियाँ के लिए तैयार किया गया है, ताकि आपको मिले: ✅ Uniform ...
06/02/2026

RED KING लाल साग बीज जिसे खास तौर पर बिहार की स्थानीय परिस्थितियाँ के लिए तैयार किया गया है, ताकि आपको मिले:

✅ Uniform Colour: हर दाने में गहरा और एक समान लाल रंग।
✅ Steady Regrowth: लगातार और मज़बूत बढ़त।
✅ Best Yield: हर कटाई पर उम्मीद से ज़्यादा पैदावार।

गुणवत्तापूर्ण बीज और बेहतर मुनाफे के लिए NIRALA SEEDS से आज ही नाता जोड़ें। 🤝

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Bhagwanpur
844114

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Tuesday 8am - 8pm
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Thursday 8am - 8pm
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