19/05/2026
खेत बचाओ अभियान: मिट्टी बचाने से लेकर किसान सशक्तिकरण तक देशव्यापी प्रयास!
स्वस्थ मिट्टी, संतुलित उर्वरक उपयोग और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए चल रहे “खेत बचाओ अभियान” ने पूरे देश में एक जनआंदोलन का रूप ले लिया है। खेतों से लेकर पंचायत भवनों तक, किसान चौपालों से लेकर सोशल मीडिया तक—हर स्तर पर जागरूकता की नई लहर दिखाई दे रही है।
अब तक देशभर में 11,848 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनसे 6.58 लाख किसानों को जोड़ा गया है। किसानों को संतुलित एवं एकीकृत उर्वरक उपयोग के बारे में जानकारी देने के लिए 3,002 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 1,05,070 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
जैविक खेती और मिट्टी की सेहत को बेहतर बनाने के लिए 7,743 प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें हरी खाद, जैव उर्वरक और अन्य कार्बनिक स्रोतों के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
अभियान में जनभागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। 4,772 पंच, सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों ने सम्मेलनों के माध्यम से सहभागिता की। वहीं 9,609 इनपुट डीलरों से संवाद कर उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जागरूकता बढ़ाई गई।
FPOs, SHGs और FIGs से जुड़े 8,382 किसान-सदस्यों तक सीधे पहुंच बनाकर उन्हें जैविक संसाधनों के एकीकरण की जानकारी दी गई। इसके साथ ही 52,044 स्थानों पर बैनर, पोस्टर और होर्डिंग्स के माध्यम से अभियान को जन-जन तक पहुँचाया गया।
रेडियो, टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म भी इस बदलाव के साथी बने हैं। अब तक 921 रेडियो वार्ताएँ और 187 टीवी/डिजिटल कार्यक्रम प्रसारित किए जा चुके हैं, जबकि सोशल मीडिया के माध्यम से लगभग 2.49 करोड़ लोगों तक संदेश पहुँच चुका है।
यह अभियान सिर्फ उर्वरकों के संतुलित उपयोग का संदेश नहीं, बल्कि स्वस्थ मिट्टी, समृद्ध किसान और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।
#संतुलितउर्वरकउपयोग #खेत_बचाओ_अभियान