Sri Radha Krishan Gosala Mouj Garh

Sri Radha Krishan Gosala Mouj Garh हमारे यह 1000+ गों का पालन किया जाता है |

आप परिवार, मित्रजनों व लड्डू गोपाल जी सहित सादर आमंत्रित हैं।
07/03/2023

आप परिवार, मित्रजनों व लड्डू गोपाल जी सहित सादर आमंत्रित हैं।

20/11/2020

तीन दोस्त अमेरिका में होटल में ठहरे 75 वें मंजिल में कमरा मिला।

रात बारह बजे लिफ्ट खराब होकर बंद हो जाती हैं,

सीढ़ियाँ चढ़ते बोरियत दूर करने के लिये एक ने एक लतीफा सुनाया और पच्चीसवीं मंजिल तक आ गए।

दूसरे ने गाना सुनाया और अब वे पचासवीं मंजिल तक आ गए।

और तीसरे ने बीमारी सेहत पर किस्सा सुनाया और अब पचत्तरवीं मंजिल पर आ गए।

कमरे के दरवाज़े पर पहुँच कर याद आया कमरे की चाबी तो Reception पर भूल आए हैं तीनों बेहोश होकर गिर पड़े।

सबक

इंसान अपनी ज़िन्दगी के पच्चीस साल खेल कूद, हँसी मज़ाक और फज़ूलियत में ज़ाया कर देता है।

अगले पच्चीस साल नौकरी, काम धंधे, शादी, बच्चों और उनकी शादी में गुज़ार देता है।

और

अब पच्चीस साल अगर ज़िन्दा रहे बीमारी,डॉक्टर, और हॉस्पिटल में चले जाते हैं,

मरने के वक्त पता चलता है कि मोक्क्ष के दर की चाबी तो लाएँ ही नहीं हैं,
वो तो दुनिया में ही रह गईं है
इसलिये संसार के सभी कार्य करते हुवें सेवा, सत्संग, स्वाध्याय (सत्कर्म) भी करते रहना चाहिये।

श्री राधा कृष्ण गौशाला मौजगढ़

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

20/11/2020

"पाप हमारी सोच से होता हैं,
शरीर से नही
और
तीर्थों का जल,
हमारे शरीर को साफ करता हैं,
हमारी सोच को नही।"
🌹 जय श्री राम 🌹

18/11/2020

ईमानदारी हमेशा लाभ दे या न दे
लेकिन.....
कपट,बेईमानी आज नहीं तो कल भुगतान करवाती ही हैl
चलते रहिए🏃🏻‍♂️जोश, जुनून और जज्बे के साथ...

।। सुप्रभात🌞नमस्कार।। ।। 🇮🇳 जय भारत 🇮🇳 ।।

15/11/2020
Gumjal Gosala Main Amavasya Per Seva Karte Gosevak .....
21/10/2020

Gumjal Gosala Main Amavasya Per Seva Karte Gosevak .....

Sri Radha Krishan Gosala Gumjal
21/10/2020

Sri Radha Krishan Gosala Gumjal

29/09/2019

🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞
।। श्री हरि : ।।
⛅ दिनांक - 29 सितम्बर 2019
⛅ दिन - रविवार
⛅ विक्रम संवत - 2076
⛅ शक संवत -1941
⛅ अयन - दक्षिणायन
⛅ ऋतु - शरद
⛅ मास - अश्विन
⛅ पक्ष - कृष्ण
⛅ तिथि - रात्रि 08:14 प्रतिपदा
⛅ नक्षत्र - रात्रि 07:08 तक हस्त
⛅ योग - शाम 04:10 तक ब्रह्म
⛅ राहुकाल - शाम 04:44 से 06:13
⛅ सूर्योदय - 06:27
⛅ सूर्यास्त - 18:30
⛅ दिशाशूल - पश्चिम दिशा में
⛅ व्रत पर्व विवरण -शारदीय नवरात्र, धट-स्थापन
💥 विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🌷 नवरात्रि पूजन विधि 🌷
➡ 29 सितम्बर 2019 रविवार से नवरात्रि प्रारंभ ।
🙏🏻 नवरात्रि के प्रत्येक दिन माँ भगवती के एक स्वरुप श्री शैलपुत्री, श्री ब्रह्मचारिणी, श्री चंद्रघंटा, श्री कुष्मांडा, श्री स्कंदमाता, श्री कात्यायनी, श्री कालरात्रि, श्री महागौरी, श्री सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। यह क्रम चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को प्रातःकाल शुरू होता है। प्रतिदिन जल्दी स्नान करके माँ भगवती का ध्यान तथा पूजन करना चाहिए। सर्वप्रथम कलश स्थापना की जाती है।
➡ कलश / घट स्थापना विधि
🌷 घट स्थापना शुभ मुहूर्त (सुरत) :*
29 सितम्बर 2019 रविवार को सुबह 06:29 से 07:52 तक
➡ घट स्थापना अभिजित मुहूर्त - दोपहर 12:05 से 12:53 तक
🙏🏻 देवी पुराण के अनुसार मां भगवती की पूजा-अर्चना करते समय सर्वप्रथम कलश / घट की स्थापना की जाती है। घट स्थापना करना अर्थात नवरात्रि की कालावधि में ब्रह्मांड में कार्यरत शक्ति तत्त्व का घट में आवाहन कर उसे कार्यरत करना । कार्यरत शक्ति तत्त्व के कारण वास्तु में विद्यमान कष्टदायक तरंगें समूल नष्ट हो जाती है। धर्मशास्त्रों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है। कलश के मुख में विष्णुजी का निवास, कंठ में रुद्र तथा मूल में ब्रह्मा स्थित हैं और कलश के मध्य में दैवीय मातृशक्तियां निवास करती हैं।
🌷 सामग्री:
👉🏻 जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र
👉🏻 जौ बोने के लिए शुद्ध साफ़ की हुई मिटटी
👉🏻 पात्र में बोने के लिए जौ
👉🏻 घट स्थापना के लिए मिट्टी का कलश (“हैमो वा राजतस्ताम्रो मृण्मयो वापि ह्यव्रणः” अर्थात 'कलश' सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी का छेद रहित और सुदृढ़ उत्तम माना गया है । वह मङ्गलकार्योंमें मङ्गलकारी होता है )
👉🏻 कलश में भरने के लिए शुद्ध जल, गंगाजल
👉🏻 मौली (Sacred Thread)
👉🏻 इत्र
👉🏻 साबुत सुपारी
👉🏻 दूर्वा
👉🏻 कलश में रखने के लिए कुछ सिक्के
👉🏻 पंचरत्न
👉🏻 अशोक या आम के 5 पत्ते
👉🏻 कलश ढकने के लिए ढक्कन
👉🏻 ढक्कन में रखने के लिए बिना टूटे चावल
👉🏻 पानी वाला नारियल
👉🏻 नारियल पर लपेटने के लिए लाल कपडा
👉🏻 फूल माला
🌷 विधि
🙏🏻 सबसे पहले जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र लें। इस पात्र में मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब एक परत जौ की बिछाएं। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब फिर एक परत जौ की बिछाएं। जौ के बीच चारों तरफ बिछाएं ताकि जौ कलश के नीचे न दबे। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब कलश के कंठ पर मौली बाँध दें। कलश के ऊपर रोली से ॐ और स्वास्तिक लिखें। अब कलश में शुद्ध जल, गंगाजल कंठ तक भर दें। कलश में साबुत सुपारी, दूर्वा, फूल डालें। कलश में थोडा सा इत्र डाल दें। कलश में पंचरत्न डालें। कलश में कुछ सिक्के रख दें। कलश में अशोक या आम के पांच पत्ते रख दें। अब कलश का मुख ढक्कन से बंद कर दें। ढक्कन में चावल भर दें। श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार “पञ्चपल्लवसंयुक्तं वेदमन्त्रैः सुसंस्कृतम्। सुतीर्थजलसम्पूर्णं हेमरत्नैः समन्वितम्॥” अर्थात कलश पंचपल्लवयुक्त, वैदिक मन्त्रों से भली भाँति संस्कृत, उत्तम तीर्थ के जल से पूर्ण और सुवर्ण तथा पंचरत्न मई होना चाहिए।
🙏🏻 नारियल पर लाल कपडा लपेट कर मौली लपेट दें। अब नारियल को कलश पर रखें। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है: “अधोमुखं शत्रु विवर्धनाय,ऊर्ध्वस्य वस्त्रं बहुरोग वृध्यै। प्राचीमुखं वित विनाशनाय,तस्तमात् शुभं संमुख्यं नारीकेलं”। अर्थात् नारियल का मुख नीचे की तरफ रखने से शत्रु में वृद्धि होती है।नारियल का मुख ऊपर की तरफ रखने से रोग बढ़ते हैं, जबकि पूर्व की तरफ नारियल का मुख रखने से धन का विनाश होता है। इसलिए नारियल की स्थापना सदैव इस प्रकार करनी चाहिए कि उसका मुख साधक की तरफ रहे। ध्यान रहे कि नारियल का मुख उस सिरे पर होता है, जिस तरफ से वह पेड़ की टहनी से जुड़ा होता है।
🙏🏻 अब कलश को उठाकर जौ के पात्र में बीचो बीच रख दें। अब कलश में सभी देवी देवताओं का आवाहन करें। "हे सभी देवी देवता और माँ दुर्गा आप सभी नौ दिनों के लिए इसमें पधारें।" अब दीपक जलाकर कलश का पूजन करें। धूपबत्ती कलश को दिखाएं। कलश को माला अर्पित करें। कलश को फल मिठाई अर्पित करें। कलश को इत्र समर्पित करें।
🌷 कलश स्थापना के बाद माँ दुर्गा की चौकी स्थापित की जाती है।
🙏🏻 नवरात्रि के प्रथम दिन एक लकड़ी की चौकी की स्थापना करनी चाहिए। इसको गंगाजल से पवित्र करके इसके ऊपर सुन्दर लाल वस्त्र बिछाना चाहिए। इसको कलश के दायीं ओर रखना चाहिए। उसके बाद माँ भगवती की धातु की मूर्ति अथवा नवदुर्गा का फ्रेम किया हुआ फोटो स्थापित करना चाहिए। मूर्ति के अभाव में नवार्णमन्त्र युक्त यन्त्र को स्थापित करें। माँ दुर्गा को लाल चुनरी उड़ानी चाहिए। माँ दुर्गा से प्रार्थना करें "हे माँ दुर्गा आप नौ दिन के लिए इस चौकी में विराजिये।" उसके बाद सबसे पहले माँ को दीपक दिखाइए। उसके बाद धूप, फूलमाला, इत्र समर्पित करें। फल, मिठाई अर्पित करें।
🙏🏻 नवरात्रि में नौ दिन मां भगवती का व्रत रखने का तथा प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का विशेष महत्व है। हर एक मनोकामना पूरी हो जाती है। सभी कष्टों से छुटकारा दिलाता है।
🙏🏻 नवरात्रि के प्रथम दिन ही अखंड ज्योत जलाई जाती है जो नौ दिन तक जलती रहती है। दीपक के नीचे "चावल" रखने से माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है तथा "सप्तधान्य" रखने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते है।
🙏🏻 माता की पूजा "लाल रंग के कम्बल" के आसन पर बैठकर करना उत्तम माना गया है।
🙏🏻 नवरात्रि के प्रतिदिन माता रानी को फूलों का हार चढ़ाना चाहिए। प्रतिदिन घी का दीपक (माता के पूजन हेतु सोने, चाँदी, कांसे के दीपक का उपयोग उत्तम होता है) जलाकर माँ भगवती को मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए। मान भगवती को इत्र/अत्तर विशेष प्रिय है।
🙏🏻 नवरात्रि के प्रतिदिन कंडे की धुनी जलाकर उसमें घी, हवन सामग्री, बताशा, लौंग का जोड़ा, पान, सुपारी, कर्पूर, गूगल, इलायची, किसमिस, कमलगट्टा जरूर अर्पित करना चाहिए।
🙏🏻 लक्ष्मी प्राप्ति के लिए नवरात्रि में पान और गुलाब की ७ पंखुरियां रखें तथा मां भगवती को अर्पित कर दें।
🙏🏻 मां दुर्गा को प्रतिदिन विशेष भोग लगाया जाता है। किस दिन किस चीज़ का भोग लगाना है ये हम विस्तार में आगे बताएँगे।
🙏🏻 प्रतिदिन कन्याओं का विशेष पूजन किया जाता है। श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार “एकैकां पूजयेत् कन्यामेकवृद्ध्या तथैव च। द्विगुणं त्रिगुणं वापि प्रत्येकं नवकन्तु वा॥” अर्थात नित्य ही एक कुमारी का पूजन करें अथवा प्रतिदिन एक-एक-कुमारी की संख्या के वृद्धिक्रम से पूजन करें अथवा प्रतिदिन दुगुने-तिगुने के वृद्धिक्रम से और या तो प्रत्येक दिन नौ कुमारी कन्याओं का पूजन करें। किस दिन क्या सामग्री गिफ्ट देनी चाहिए ये भी आगे बताएँगे।
🙏🏻 यदि कोई व्यक्ति नवरात्रि पर्यन्त प्रतिदिन पूजा करने में असमर्थ हैं तो उसे अष्टमी तिथि को विशेष रूप से अवश्य पूजा करनी चाहिए। प्राचीन काल में दक्ष के यज्ञ का विध्वंश करने वाली महाभयानक भगवती भद्रकाली करोङों योगिनियों सहित अष्टमी तिथि को ही प्रकट हुई थीं।

#श्री_राधा_कृष्ण_गौशाला_मौजगढ़

🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏

श्री राधा कृष्ण गौशाला मौजगढ़ सेवा समिति मौजगढ़ की ओर से आप और आपके परिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाए...
23/08/2019

श्री राधा कृष्ण गौशाला मौजगढ़ सेवा समिति मौजगढ़ की ओर से आप और आपके परिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।

21/08/2019

_👉 *दूध को दुखी करो तो दही बनता है|*_
_👉 *दही को सताने से मक्खन बनता है|*_
_👉 *मक्खन को सताने से घी बनता है|*_
_👉 *दूध से महंगा दही है,दही से महंगा मक्खन है,और मक्खन से महंगा घी है|*_
_👉 *किन्तु इन चारों का रंग एक ही है सफेद|*_
_👉 *इसका अर्थ है बाऱ- बार दुख और संकट आने पर भी जो इंसान अपना रंग नहीं बदलता,समाज में उसका ही मूल्य बढ़ता है|*_
_👉 *दूध* उपयोगी है किंतु एक ही दिन के लिए, फिर वो *खराब* हो जाता है....!!_
_👉 *दूध* में एक बूंद *छाछ* डालने से वह *दही* बन जाता है जो केवल दो और दिन *टिकता* है....!!_
_👉 *दही* का मंथन करने पर *मक्खन* बन जाती है, यह और तीन दिन टिकता है....!!_
_👉 *मक्खन* को उबालकर *घी* बनता है, *घी* कभी खराब नहीं होता....!!_
_👉एक ही दिन में बिगड़ने वाले *दूध* में कभी नहीं बिगड़ने वाला *घी* छिपा है....!!_
_👉इसी तरह आपका *मन* भी अथाह_ _*शक्तियों* से भरा है, उसमें कुछ_ _*सकारात्मक विचार* डालो अपने आपको *मथो* अर्थात *चिंतन* करो....अपने *जीवन* को और *तपाओ* और तब देखना_
👉 *_आप कभी हार नहीं मानने वाले सदाबहार व्यक्ति बन जाओगे....!!_*

#श्री_राधा_कृष्ण_गौशाला_मौजगढ़

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