01/05/2026
*बुद्ध पूर्णिमा* भगवान गौतम बुद्ध से जुड़ा सबसे बड़ा त्योहार है। इसे *वेसक/Vesak* भी कहते हैं।
*क्यों खास है ये दिन?*
बुद्ध पूर्णिमा की सबसे बड़ी खासियत ये है कि गौतम बुद्ध के जीवन की 3 सबसे महत्वपूर्ण घटनाएं इसी वैशाख पूर्णिमा के दिन हुई थीं:
1. *जन्म*: 563 ईसा पूर्व में लुम्बिनी, नेपाल में राजकुमार सिद्धार्थ के रूप में जन्म
2. *ज्ञान प्राप्ति*: 35 साल की उम्र में बोधगया में पीपल के पेड़ के नीचे ज्ञान यानी संबोधि मिली और वो 'बुद्ध' कहलाए
3. *महापरिनिर्वाण*: 80 साल की उम्र में कुशीनगर में देह त्याग
एक ही तिथि पर 3 बड़ी घटनाएं होने से ये दिन बौद्ध धर्म में सबसे पवित्र माना जाता है।
*2026 में कब है?*
2026 में बुद्ध पूर्णिमा *1 मई, शुक्रवार* को है।
*कैसे मनाते हैं?*
- *बोधगया, सारनाथ, कुशीनगर*: यहां लाखों श्रद्धालु आते हैं। बोधिवृक्ष की पूजा होती है।
- *स्नान-दान*: गंगा स्नान और दान-पुण्य का महत्व है। मान्यता है कि इस दिन दान करने से कई गुना फल मिलता है।
- *बुद्ध वंदना*: बौद्ध विहारों में दीप जलाए जाते हैं, प्रार्थना और सूत्रों का पाठ होता है।
- *पंचशील का पालन*: लोग इस दिन हिंसा न करना, झूठ न बोलना, चोरी न करना, नशा न करना, व्यभिचार न करना - इन 5 नियमों का पालन करते हैं।
- *पिंजरों से पक्षियों को आज़ाद करना*: करुणा और अहिंसा के प्रतीक के रूप में पक्षियों को आज़ाद किया जाता है।
- *खीर का भोग*: कहा जाता है कि सुजाता नाम की महिला ने बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति से पहले खीर खिलाई थी, इसलिए खीर का प्रसाद बांटा जाता है।
*महत्व*
UN ने भी 1999 में बुद्ध पूर्णिमा को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दी। ये दिन शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश देता है।
बुद्ध का मूल मंत्र: *"अप्प दीपो भव"* - अपना दीपक खुद बनो।
तुम कुछ खास प्लान कर रहे हो इस दिन के लिए?